खालिस्तानी आतंकी हैप्पी पासिया का भारत प्रत्यर्पण: एक खतरनाक अपराधी की पूरी कहानी
हरप्रीत सिंह, जिसे "हैप्पी पासिया" के नाम से जाना जाता है, एक कुख्यात खालिस्तानी आतंकवादी है, जिसका नाम भारत में आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े कई गंभीर मामलों में शामिल है। हाल ही में यह खबर सामने आई है कि उसे अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया जा रहा है, जो भारत-अमेरिका के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। आइए, इस आतंकी की पूरी कहानी और उसके भारत वापसी की प्रक्रिया पर नजर डालते हैं।
हैप्पी पासिया का प्रारंभिक जीवन और अपराध की शुरुआत
हरप्रीत सिंह का जन्म पंजाब के अमृतसर जिले के पासिया गांव में हुआ, जो भारत-पाकिस्तान सीमा के करीब स्थित है। उसने अपनी पढ़ाई 10वीं कक्षा तक की और फिर अपराध की दुनिया में कदम रखा। शुरुआत में उसने शराब और ड्रग्स की तस्करी की, जिसके दौरान वह गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के संपर्क में आया। बाद में वह बंबीहा सिंडिकेट से जुड़ा, जो उसे अपराध के बड़े नेटवर्क से जोड़ने में मददगार बना।
आतंकवादी गतिविधियों में प्रवेश
2023 में हरप्रीत सिंह ने बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई), एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन, का कमांडर बन गया। उसने पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के साथ मिलकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया। हरविंदर सिंह रिंदा, एक अन्य खालिस्तानी आतंकवादी, ने उसे इस नेटवर्क से जोड़ा। उसने 2024 में गुरदासपुर पुलिस स्टेशन पर ग्रेनेड हमले समेत 14 से 16 आतंकी वारदातों को अंजाम दिया, जिनमें चंडीगढ़ में बीजेपी नेता मनोरंजन कालिया के घर पर भी हमला शामिल है। उसके खिलाफ 24 से अधिक मामले दर्ज हैं।
फरारी और गिरफ्तारी
2018 में वह भारत से भागकर दुबई चला गया और 2019 में वापस लौट आया। 2021 में वह मानव तस्करी के रास्ते मेक्सिको के जरिए अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश कर गया। अप्रैल 2025 में कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में अमेरिकी फेडरल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन (एफबीआई) और इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई) ने उसे गिरफ्तार किया। उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए बर्नर फोन का इस्तेमाल किया और विदेश से भारत में हमले करवाए।
भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया
हैप्पी पासिया को भारत लाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। पंजाब पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ समन्वय किया है। स्रोतों के अनुसार, उसे जल्द ही दिल्ली हवाई अड्डे पर कड़ी सुरक्षा के बीच लाया जाएगा। उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित है, और इस प्रत्यर्पण को भारत की कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भारतीय सरकार के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है।
आरोप और प्रभाव
हैप्पी पासिया पर पंजाब में आतंक फैलाने, हथियारों और विस्फोटकों की आपूर्ति करने, और उगाही करने के आरोप हैं। उसने बीकेआई के लिए कई ऑपरेटिव्स को भर्ती किया और चंडीगढ़ ग्रेनेड हमले जैसे बड़े हमलों की योजना बनाई। उसकी गतिविधियों ने पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर चुनौती दी है।
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हैप्पी पासिया का भारत प्रत्यर्पण आतंकवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। उसकी गिरफ्तारी और वापसी से न केवल पंजाब में शांति बहाल करने में मदद मिलेगी, बल्कि अन्य आतंकवादियों के लिए भी एक सख्त संदेश जाएगा। अब यह देखना होगा कि एनआईए और पंजाब पुलिस उससे पूछताछ के बाद कितने बड़े खुलासे कर पाती है। यह घटना भारत की आतंकवाद विरोधी नीतियों की सफलता को दर्शाती है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की ताकत को रेखांकित करती है।
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