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सरबजीत कौर केस का लेटेस्ट अपडेट (जनवरी 2026 तक)जनवरी 2026 में 4 तारीख को सरबजीत कौर को वीजा ओवरस्टे के लिए गिरफ्तार किया गया। 5 जनवरी को डिपोर्टेशन का प्लान था, लेकिन पाकिस्तान के इंटीरियर मिनिस्ट्री की क्लियरेंस नहीं मिली। लाहौर हाई कोर्ट में कई पिटीशन्स पेंडिंग हैं, इसलिए डिपोर्टेशन रोक दिया गया। अब वो लाहौर के दार-उल-अमान शेल्टर होम में पुलिस प्रोटेक्शन के साथ हैं। मेडिकल क्लियरेंस तो मिल गई है, लेकिन अभी तक फाइनल डिसीजन नहीं हुआ। कुछ रिपोर्ट्स कह रही हैं कि नेक्स्ट वीक डिपोर्टेशन हो सकता है, लेकिन कोर्ट के ऑर्डर से रिपोर्ट्स मांगी गई हैं – जैसे कि वो जत्थे से कैसे गुम हुईं, वीजा का मिसयूज कैसे हुआ, आदि। सिख कम्युनिटी में गुस्सा है, और सवाल उठ रहे हैं कि ये सब कैसे हुआ। पाकिस्तान में जबरन कन्वर्जन के आंकड़े – सच जो छिपाया नहीं जा सकताये कोई नई बात नहीं है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक लड़कियां (खासकर हिंदू, सिख और क्रिश्चियन) रोज खतरे में हैं। सेंटर फॉर सोशल जस्टिस (CSJ) की 2025 रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में ही 83 केस रिपोर्ट हुए जहां माइनॉरिटी गर्ल्स का अपहरण और जबरन कन्वर्जन हुआ। इनमें 63% हिंदू लड़कियां थीं, 37% क्रिश्चियन। सिंध में 72% केस हुए, पंजाब में 28%।2021 से 2024 तक कुल 421 केस रिपोर्ट हुए – 282 हिंदू लड़कियां, 137 क्रिश्चियन, 2 सिख। उम्र देखो: 22% 14 साल से कम, 49% 14-18 साल के बीच – यानी ज्यादातर माइनर। UN एक्सपर्ट्स ने भी 2024 में चेतावनी दी कि हिंदू-क्रिश्चियन लड़कियां अपहरण, ट्रैफिकिंग, फोर्स्ड मैरिज और सेक्शुअल वायलेंस का शिकार हो रही हैं। HRCP और USCIRF रिपोर्ट्स में भी यही कहा गया है कि कोर्ट अक्सर लड़की के बयान को मान लेते हैं, भले ही दबाव में दिया गया हो या उम्र फर्जी दिखाई गई हो।ये आंकड़े बताते हैं कि ये कोई "एक-दो केस" नहीं, बल्कि एक पैटर्न है। गरीबी, कमजोरी का फायदा उठाकर लड़कियां उठाई जाती हैं, कन्वर्ट करवाई जाती हैं, और निकाह करवा दिया जाता है।
लव जिहाद क्या है? और क्यों इसे नॉर्मलाइज नहीं किया जा सकतालव जिहाद कोई अफवाह नहीं – ये एक सिस्टमेटिक तरीका है जहां नॉन-मुस्लिम लड़कियों को टारगेट किया जाता है। प्यार का नाम लेकर कन्वर्जन करवाना, फिर मैरिज – और पीछे से कम्युनिटी का नुकसान। कुछ लोग कहते हैं, "अरे हिंदू के साथ भी तो होता है, हम अकेले थोड़े हैं।" लेकिन गलत को गलत कहने में क्या बुराई है? अगर पाकिस्तान में हिंदू-सिख लड़कियां रोज खतरे में हैं, तो इसे "नॉर्मल लव" कहकर छिपाना कौम के साथ धोखा है।ये सिर्फ पर्सनल चॉइस नहीं – ये डेमोग्राफिक चेंज का खेल है। हमारी बहनों की सेफ्टी दांव पर है। हमें जागना होगा, आवाज उठानी होगी। सरकारों पर दबाव बनाना होगा कि ऐसे मामलों में सख्त जांच हो, कानून बने, पीड़ितों को न्याय मिले।दोस्तों, आप क्या सोचते हैं? कमेंट में जरूर बताना। अगर ये बात दिल को छू गई तो शेयर करो, सब तक पहुंचाओ। Satya Vani Media सच के लिए लड़ता रहेगा। Jai Maa Bharti!
(Writer: Satya Vani Media Team)

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